Results for रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ

तुल्यांकी भार

तुल्यांकी भार


१८६६ में प्रकाशित तुल्यांकी भारों की सूची

तुल्यांकी भार (Equivalent weight) रसायन विज्ञान का एक पारिभाषिक शब्द है जो भिन्न-भिन्न सन्दर्भों में प्रयुक्त होता है। तुल्यांकी भार की सबसे सामान्य परिभाषा यह है-
तुल्यांकी भार किसी पदार्थ का वह द्रव्यमान है जो
  • किसी अम्ल-क्षार अभिक्रिया में H+ के एक मोल से अभिक्रिया करेगा या एक मोल H+ की आपूर्ति करेगा ; या
  • किसी रेडॉक्स अभिक्रिया में एक मोल इलेक्ट्रानों से अभिक्रिया करेगा अथवा एक मोल इलेक्ट्रानों की आपूर्ति करेगा।
तुल्यांकी भार की बीमा (dimensions) और मात्रक द्रव्यमान के ही बिमा और मात्रक होते हैं। जबकि परमाणु भार बीमाहीन राशि है। मूलतः तुल्यांकी भारों का निर्धारण प्रयोग द्वारा किया गया था किन्तु अब अब ये मोलर द्रव्यमान (molar mass) से निकाले जाते हैं। इसके अलावा, किसी यौगिक का तुल्यांकी भार उसके अणुभार को n से भाग देने से भी तुल्यांकी भार निकाला जाता है, जहाँ n धनात्मक या ऋणात्मक विद्युत आवेशों की संख्या है जो उस यौगिक के विघटन (dissolution) से प्राप्त होते हैं।

उदाहरण

  • गंधकाम्ल, H2SO4
अणुभार = 98 g/mol --> तुल्यांकी भार = 98/2 = 49 g/eq
  • सोडियम हाइड्राक्साइड, NaOH
अणुभार = 40 --> तुल्यांकी भार = 40/1 = 40 g/eq
  • कैल्सियम हाइड्राक्साइड, Ca(OH)2
अणुभार = 74 --> तुल्यांकी भार = 74/2 = 37 g/eq
  • पोटैशियम परमैग्नेट, KMnO4
अणुभार = 158 g/mol --> तुल्यांकी भार = 158/5 = 31,6 g/eq
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मूलानुपाती सूत्र

आनुभविक सूत्र / मूलानुपाती सूत्र

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रसायन विज्ञान में किसी यौगिक का आनुभविक सूत्र (प्रयोगाधारित सूत्र / मूलानुपाती सूत्र / empirical formula) वह सूत्र है जो बताता है कि उस यौगिक के अणु में कौन-कौन से परमाणु हैं तथा उन परमाणुओं की संख्या का सरलतम अनुपात क्या है। उदाहरण के लिये हेक्सेन का प्रयोगाधारित सूत्र C3H7 है जबकि उसका अणुसूत्र C6H14 है।
प्रयोगाधारित सूत्र या 'इम्पिरिकल फॉर्मूला' नाम इसलिये पड़ा है कि जिस विधि से ये सूत्र ज्ञात किये जाते हैं वह प्रयोग पर आधारित है और इसमें अणु में परमाणुओं का सापेक्षिक अनुपात ही पता चल पाता है, परमाणुओं की वास्तविक संख्या का पता नहीं चलता (जिसे किसी अन्य विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है)।
बेंजीन अणु का आनुभविक सूत्र (1), आणविक सूत्र (2) तथा अन्य निरूपण : (3) केकुले संरचना (अनुनादी समावयी); (4) समतल षटकोणीय संरचना, जिसमें आबन्ध की लम्बाई और कोण भी लिखे गये हैं; (5) sp2 संकर ऑर्बिटल के बीच सिगमा आबन्ध; (6) परमाणविक कक्षक; (7) Molecular orbital delocalized pi; (8) बेंजीन रिंग
उदाहरण
एसिटिक अम्ल में 40% कार्बन, 53.33% आक्सीजन तथा 6.66% हाइड्रोजन होता है। परमाणु द्रव्यमान द्वारा भाग देने के बाद, हमें यह प्राप्त होता है-
इससे इन तत्त्वों के परमाणुओं का निम्नलिखित अनुपात प्राप्त होता है-
C:O:H = 3.33:3.33:6.66 = 1:1:2
अतः आनुभविक सूत्र CH2O है।

सामान्य पदार्थों के आनुभविक सूत्र

पदार्थअणुसूत्रप्रयोगाधारित सूत्र
जलH2OH2O
मिथेनCH4CH4
बेंजीनC6H6CH
गंधकS8S
ग्लुकोजC6H12O6CH2O
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MOL Percent Composition

Percent Composition


You were asked to calculate the percentage composition of these two substances:
CH2O

CH3COOH
If you did, you may have noticed something interesting.
They both have the same percentage composition and it's also the same as that of glucose, example #2 in part one.

Here is CH3COOH.
First, figure out the molar mass from the formula. It is 60.05 g/mol.
Second, figure out the grams each atom contribues by multiplying the atomic weight by the subscript.
Carbon = 2 x 12.011 g = 24.022 g
Hydrogen = 4 x 1.008 = 4.032 g
Oxygen = 2 x 16.00 = 32.00 g
Third, divide the answer for each atom by the molar mass and multiply by 100 to get a percentage.
Carbon's percentage: (24.022 g / 60.05 g) x 100 = 40.00 %
Hydrogen's percentage: (4.032 g / 60.05 g) x 100 = 6.71 %
Oxygen's percentage: (32.00 g / 60.05 g) = 53.29 %
You could have done the last of the three by subtraction, if you wished. I just put up all three calculations.

All three substances (C6H12O6, CH2O, CH3COOH) have the same percentage composition because they all have the same empirical formula. "Empirical formula" is a REAL IMPORTANT concept and we will get to it in the next tutorial.
Percent Composition Practice Problems
1) Benzene has the formula C6H6. Calculate its percentage composition.
2) Acetylene has the formula C2H2. What is its percentage composition?
3) There are nine different compounds all of which have the formula C7H16. What do we know about the percentage composition for each of the nine compounds? Calculate the percent composition for the formula C7H16.
Instructions for #4 and 5: find an Internet site other than the ChemTeam to answer these two questions. You are welcome to study the ChemTeam (or textbook) definitions before you begin searching. Include the full URL of the site where you got the definition.
4) Look up the definitions of "empirical formula" and "molecular formula" and write them down.
5) Find a second site with the same two definitions worded differently.
You were asked to calculate the percentage composition of these two substances:
CH2O

CH3COOH
If you did, you may have noticed something interesting.
They both have the same percentage composition and it's also the same as that of glucose, example

Here is CH3COOH.
First, figure out the molar mass from the formula. It is 60.05 g/mol.
Second, figure out the grams each atom contribues by multiplying the atomic weight by the subscript.
Carbon = 2 x 12.011 g = 24.022 g
Hydrogen = 4 x 1.008 = 4.032 g
Oxygen = 2 x 16.00 = 32.00 g
Third, divide the answer for each atom by the molar mass and multiply by 100 to get a percentage.
Carbon's percentage: (24.022 g / 60.05 g) x 100 = 40.00 %
Hydrogen's percentage: (4.032 g / 60.05 g) x 100 = 6.71 %
Oxygen's percentage: (32.00 g / 60.05 g) = 53.29 %
You could have done the last of the three by subtraction, if you wished. I just put up all three calculations.
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मोलर द्रव्यमान

मोलर द्रव्यमान


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परमाणु और अणु अकार में अत्यंत छोटे होते हैं, परंतु किसी पदार्थ की बहुत कम मात्रा में भी उनकी संख्या बहुत अधिक होती है। इतनी बड़ी संख्याओं के साथ काम करने के लिए इतने ही परिमाण के एकमात्र की आवश्यकता होती है। जिस प्रकार हम 12 वस्तुओं के लिए ' एक दर्जन ' और 20 वस्तुओं के लिए ' एक स्कोर ' (Score) का प्रयोग करते हैं , उसी प्रकार अति सूक्ष्म स्तर पर कणों ( जैसे - परमाणु , अणु , कणों , इलेक्ट्रॉनों आदि ) को गिनने के लिए मोल की धारणा का उपयोग किया जाता है।

दाढ़ जनता के तत्वों Molar masses of elements

किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं जितने कार्बन - 12 समस्थानिक की ठीक 12 ग्राम ( या 0.012 kg ) में परमाणुओं की संख्या होती है। यहां यह ध्यान देने की बात है कि किसी पदार्थ के एक मोल में कणों की संख्या सदैव समान होगी , भले ही वह कोई भी पदार्थ हो। इस संख्या की सही निर्धारण के लिए कार्बन - 12 परमाणु का द्रव्यमान , द्रव्यमान स्पेक्ट्रम मापी द्वारा ज्ञात किया गया , जिसका मान 1.992648 * 10^(-23) g प्राप्त हुआ। कार्बन के एक मोल का द्रव्यमान 12 g होता है , अतः कार्बन के एक मोल में परमाणुओं की संख्या इस प्रकार होगी – ol:
एम(एच) = 1.007 97(7) × 1 जी/मोल = 1.007 97(7) ग्राम/मोल
एम(एस) = 32.065(5) × 1 जी/मोल = 32.065(5) g/mol
मीटर(सीएल) = 35.453(2) × 1 जी/मोल = 35.453(2) जी/मोल
मीटर(Fe) = 55.845(2) × 1 जी/मोल = 55.845(2) जी/मोल है।
एक मोल में कणों की संख्या इतनी महत्वपूर्ण है कि इसे एक अलग नाम और संकेत दिया गया जिसे ( आमिदियो आवोगाद्रो के सम्मान में ) आवोगाद्रो संख्या कहते हैं और NA से व्यक्त करते हैं।  
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आण्विक द्रव्यमान एवं मोल संकल्पना

आण्विक द्रव्यमान एवं मोल संकल्पना


आण्विक द्रव्यमान

आण्विक द्रव्यमान की परिभाषा: किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है।
ब्याख्या:
किसी पदार्थ के एक अणु में एक से ज्यादा एक ही तत्व के परमाणु अथवा विभिन्न तत्वों के परमाणु हो सकते हैं।
यथा :
ऑक्सीजन अणु (O2): ऑक्सीजन का एक अणु में ऑक्सीजन के दो परमाणु होते हैं।
हाइड्रोजन अणु (H2): हाइड्रोजन के दो परमाणुओं के मिलने से हाइड्रोजन का एक अणु बनता है।
जल के अणु (H2O): जल के एक अणु का निर्माण हाइड्रोजन का दो परमाणु तथा ऑक्सीजन के एक परमाणु के रासायनिक संयोग से होता है, अर्थात जल के अणु के निर्माण में दो विभिन्न तत्वों हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के परमाणु भाग लेते हैं।
किसी अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग अणु का द्रव्यमान होता है, अर्थात आण्विक द्रव्यमान कहलाता है।
चूँकि किसी पदार्थ के अणु का द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं का द्रव्यमान होता है, अत: आण्विक द्रव्यमान भी परमाणु द्रव्यमान की तरह सापेक्ष द्रव्यमान है।

आण्विक द्रव्यमान की इकाई

आण्विक द्रव्यमान की इकाई को परमाणु द्रव्यमान की इकाई u द्वारा व्यक्त किया जाता है।

किसी अणु का आण्विक द्रव्यमान कैसे ज्ञात करें

चरण : (a) दिये गये पदार्थ का आण्विक सूत्र लिखें।
चरण : (b) पदार्थ के अणु में वर्तमान सभी परमाणुओं के द्रव्यमान को जोड़ें।
चरण : (c) अणु में वर्तमान परमाणुओं के द्रव्यमान का योग ही आण्विक द्रव्यमान है।
उदाहरण:

ऑक्सीजन (O2) का आण्विक द्रव्यमान की गणना करें

ऑक्सीजन के अणु का रासायनिक सूत्र : O2
हम जानते हैं कि ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
अत: ऑक्सीजन अणु (O2) का आण्विक द्रव्यमान = 16 – 2 = 32 u
अत: ऑक्सीजन का आण्विक द्रव्यमान = 32 u

हाइड्रोजन (H2) का आण्विक द्रव्यमान की गणना करें।

हाइड्रोजन अणु का रासायनिक सूत्र : H2
हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
अत: हाइड्रोजन अणु (H2) का आण्विक द्रव्यमान = 1 u × 2
अत: हाइड्रोजन का आण्विक द्रव्यमान = 2 u

अमोनिया अणु (NH3) के आण्विक द्रव्यमान की गणना करें

अमोनिया का रासायनिक सूत्र : NH3
अमोनिया के अणु में एक परमाणु नाइट्रोजन का तथा तीन परमाणु हाइड्रोजन का होता है।
अत: अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान = नाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान + (हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान × 3)
नाइट्रोजन (N) का परमाणु द्रव्यमान = 14 u
हाइड्रोजन (H) का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
अत: अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान = 14 u + (1 u × 3)
= 14 u + 3 u
अत: अमोनिया (NH3) का आण्विक द्रव्यमान = 17 u

कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के आण्विक द्रव्यमान की गणना करें।

कार्बन डाइऑक्साइड का रासायनिक सूत्र : CO2
कार्बन का परमाणु द्रव्यमान = 12 u
ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
कार्बन डाइऑक्साइड के रासायनिक सूत्र से यह स्पष्ट है कि कार्बन का एक परमाणु तथा ऑक्सीजन का दो परमाणु मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड का एक अणु निर्मित होता है।
अत: कार्बन डाइऑक्साइड का आण्विक द्रव्यमान = कार्बन का परमाणु द्रव्यमान + ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान × 2
अत: कार्बन डाइऑक्साइड का आण्विक द्रव्यमान = 12 u + (16 u × 2)
= 12 u + 32 u = 44 u
अत: कार्बन डाइऑक्साइड का आण्विक द्रव्यमान = 44 u

अमोनियम नाइट्रेट (NH4NO3) के आण्विक द्रव्यमान की गणना करें।

अमोनियम नाइट्रेट का रासायनिक सूत्र : NH4NO3
अमोनियम नाइट्रेट के रासायनिक सूत्र से यह स्पष्ट है कि अमोनियम नाइट्रेट के एक अणु का निर्माण नाइट्रोजन के एक परमाणु, हाइड्रोजन के चार परमाणु, नाइट्रोजन के एक परमाणु तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु के संयोजन से होता है।
नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 14 u
हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
अत: अमोनियन नाइट्रेट (NH4NO3) का परमाणु द्रव्यमान
= नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान + (हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान × 3) + नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान + (ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान × 3)
= 14 u + (1 u × 3) + 14 u + (16 u × 3)
= 14 u + 1 u + 14 u + 48 u
= 77 u
अत: अमोनियन नाइट्रेट (NH4NO3) का परमाणु द्रव्यमान = 77 u

सूत्र इकाई (Formula Unit)

आयनिक यौगिक एक अणु के रूप में नहीं पाये जाते हैं, बल्कि आयनिक यौगिक के कई अणु मिलकर एक एकल अणु बनाते हैं। ये एकल अणु एक बड़ी संख्या में धानायन तथा ऋणायन मिलकर बनते हैं। ऐसे अणुओं को राक्षसी आकार या बृहताकार अणु भी कहा जाता है। अत: सुविधा की दृष्टिकोण से आयनिक यौगिकों के संघटक के न्यूनतम अनुपात को सूत्र इकाई के रूप में लिया जाता है। सूत्र इकाई सबसे छोटे होते हैं तथा आयनिक यौगिक को निरूपित करते हैं।
अत: सूत्र इकाई ही आयनिक यौगिकों का रासायनिक सूत्र होता है।

सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass) :

आयनिक यौगिकों के लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान का उपयोग आण्विक द्रव्यमान के स्थान पर किया जाता है।
आण्विक द्रव्यमान की तरह ही सूत्र इकाई द्रव्यमान यौगिक में वर्तमान परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान का योगफल होता है।
सूत्र इकाई द्रव्यमान भी चूँकि यौगिक के परमाणुओं के द्रव्यमान का योगफल है, अत: सूत्र इकाई द्रव्यमान एक सापेक्ष द्रव्यमान है।
उदारहण: NaCl, KCl, CaCl2, आदि आयनिक यौगिकों के सूत्र इकाई के कुछ उदाहरण हैं।

सोडियम क्लोराइड (NaCl) के सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना करें।

हम जानते हैं कि सोडियम (Na) का परमाणु द्रव्यमान = 23 u
क्लोरीन (Cl) का परमाणु द्रव्यमान = 35.5 u
सोइयम क्लोराइड का रासायनिक सूत्र : NaCl
अत: सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = सोडियम (Na) का परमाणु द्रव्यमान + क्लोरीन (Cl) का परमाणु द्रव्यमान
= 23 u + 35.5 u = 78.5 u
अत: सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 28 u

कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) के परमाणु द्रव्यमान की गणना करें।

कैल्शियम क्लोराइड का रासायनिक सूत्र : CaCl2
कैल्शियम (Ca) का परमाणु द्रव्यमान = 40 u
क्लोरीन (Cl) का परमाणु द्रव्यमान = 35.5 u
अत: कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = कैल्शियम का परमाणु द्रव्यमान + क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान × 2
= 40 u + 35.5 × 2
= 40 u + 71 u = 111 u
अत: कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 111 u

मोल संकल्पना

एक रासायनिक अभिक्रिया समीकरण से अभिक्रिया में भाग लेने वाले परमाणुओं अथवा अणुओं की संख्या सीधे प्राप्त हो जाती है। इसलिए पदार्थों की मात्राओं का ज्ञान, उनके द्रव्यमानों के आधार की अपेक्षा उनके अणुओं अथवा परमाणुओं की संख्या के आधार पर प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक होता है।
अत: एक नई इकाई मोल प्रस्तावित की गई।
"मोल (Mole)" एक एस आई इकाई है, जिसका उपयोग रसायन शास्त्र में होता है। मोल का संकेत "mol" है।
"Moles" एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ "ढ़ेर" होता है। अर्थात परमाणु, अणु या आयन के ढ़ेर को प्रदर्शित करने के लिये मोल का उपयोग होना शुरू हुआ।
किसी भी स्पीशीज (परमाणु, अणु, आयन अथवा कण) के एक मोल में मात्राओं की वह संख्या है जो ग्राम में उसके परमाणु अथवा आण्विक द्रव्यमान के बराबर होती है।
"मोल (mole)" शब्द को 1896 में विल्हेल्म ओस्टॅवाल्ड (Wilhelm Ostwald) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। "मोल (mole)" एक लैटिन शब्द "मोल्स (moles)" से आया है जिसका अर्थ ढ़ेर होता है। सन 1967 में मोल इकाई स्वीकार कर ली गई जो परमाणुओं एवं अणुओं की वृहद संख्या को निरूपित करने का सरलतम उपाय है।

एवोगाड्रो संख्या या एवोगाड्रो स्थिरांक

किसी भी पदार्थ के एक मोल में कणों (परमाणु, अणु या आयन) की संख्या निश्चित होती है।
1 मोल = 6.0022 × 1023
"6.0022 × 1023" मान प्रायोगिक विधि से प्राप्त किया गया है तथा यह एवोगाड्रो संख्या या एवोगाड्रो स्थिरांक कहलाता है।
एवोगाड्रो संख्या या एवोगाड्रो स्थिरांक को No से निरूपित किया जाता है।
इसका नाम इटैलियन वैज्ञानिक एमीडीओ एवोगाड्रो (Amedeo Avogadrao) के सम्मान में रखा गया है।
मोल ठीक उसी तरह की एक इकाई है जैसे कि दर्जन।
जिस तरह किसी भी पदार्थ का 1 दर्जन में सामानों की संख्या 12 होती है। उसी तरह 1 मोल = 6.0022 × 1023 होता है।

Gram Atomic Mass

किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान उसके सापेक्ष परमाणु एवं अणु द्रव्यमान (ग्राम में) के बराबर होता है।
किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान, उस तत्व के द्रव्यमान को परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) में प्रदान करता है। किसी तत्व के परमाणुओं के एक मोल या द्रव्यमान जिसको मोलर द्रव्यमान कहते हैं, उसी संख्या को लिया जाता है परंतु केवल इकाई u से g में परिवर्तित किया जाता है।
परमाणुओं के मोलर द्रव्यमान को ग्राम परमाणु द्रव्यमान भी कहते हैं
उदाहरण:
हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
अत: हाइड्रोजन का ग्राम परमाणु द्रव्यमान = 1 g
1 u हाइड्रोजन में केवल 1 हाइड्रोजन परमाणु होता है तथा 1 g हाइड्रोजन में उसके 1 मोल परमाणु होते हैं।
अर्थात 1 g हाइड्रोजन = 6.022 × 1023 हाइड्रोजन के परमाणु
उसी प्रकार, ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
अत: ऑक्सीजन का ग्राम परमाणु द्रव्यमान = 16 g
16 u ऑक्सीजन में केवल 1 ऑक्सीजन परमाणु होता है तथा 1 g ऑक्सीजन में उसके 1 मोल परमाणु होते हैं।
अर्थात 1 g ऑक्सीजन = 1 मोल ऑक्सीजन = 6.022 × 1023 ऑक्सीजन के परमाणु
उसी प्रकार, जल (H2) का आण्विक द्रव्यमान = 18 u
अत: जल (H2) का ग्राम आण्विक द्रव्यमान = 18 g
18 u जल (H2) में केवल जल का 1 अणु होता है तथा 1 g जल में उसके 1 मोल अणु होते हैं।
अर्थात 1 g जल (H2) = 1 मोल जल (H2) = 6.022 × 1023 जल (H2) के अणु

मोल संकल्पना पर आधारित गणना

यदि, मोल की संख्या =n
द्रव्यमान = m
मोलर द्रव्यमान = M
दिये गये कणों की संख्या = N
कणों की एवेगाड्रो संख्या =No
तो, मोल की संख्या class nine 9 science atoms and molecules13 class nine 9 science atoms and molecules14
उदाहरण प्रश्न : (1) 32 ग्राम ऑक्सीजन के अणुओं में मोल की संख्या ज्ञात करें।
दिया गया है:
ऑक्सीजन का आण्विक द्रव्यमान = 32 u
ऑक्सीजन का मोलर द्रव्यमान = 32 g
अत: मोल की संख्या = ?
चूँकि, मोल की संख्या class nine 9 science atoms and molecules13
=32 g4 g=8
अत: मोल की संख्या = 8 उत्तर
उदाहरण प्रश्न : (2) 8 ग्राम हाइड्रोजन के परमाणुओं में मोल की संख्या ज्ञात करें।
हल:
हाइड्रोजन का द्रव्यमान = 8 g
हम जानते हैं कि हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
अत: हाइड्रोजन का मोलर द्रव्यमान = 1 g
चूँकि, मोल की संख्या class nine 9 science atoms and molecules13
=8 g1 g=8
अत: मोल की संख्या = 8 उत्तर
उदाहरण प्रश्न : (3) 64 g ऑक्सीजन के अणुओं में मोल की संख्या ज्ञात करें।
दिया गया है,
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 32 g
हम जानते हैं कि ऑक्सीजन का आण्विक द्रव्यमान = 32 u
अत: ऑक्सीजन का मोलर द्रव्यमान = 32 g
अत: मोल की संख्या = ?
चूँकि, मोल की संख्या class nine 9 science atoms and molecules13
=64 g32 g=2
अत: मोल की संख्या = 2 उत्तर
उदाहरण प्रश्न : (4) यदि हीलियम के परमाणुओं की संख्या 18.066 × 1023 है तो हीलियम परमाणु के मोल की संख्या ज्ञात करें।
दिया गया है,
हीलियम परमाणु के कणों की संख्या = 18.066 × 1023
हम जानते हैं कि एवेगाड्रो संख्या = 6.022 × 1023
अत: मोल की संख्या = ?
चूँकि, मोल की संख्या class nine 9 science atoms and molecules13
=18.066×10236.022×1023=3
अत: हीलियम परमाणु के मोल की संख्या = 3 उत्तर
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