Results for हिन्दी व्याकरण

हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 66

HINDI GRAMMAR GK
हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

(1) छंद का सर्वप्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है ?
(A)ऋग्वेद 
(B)यजुर्वेद 
(C)सामवेद 
(D)उपनिषद 
Answer- (A)
(2) कोई भी छंद किस्में विभक्त रहता है ?
(A)चरणों में 
(B)यति में 
(C)दोनों में ही 
(D)इनमें से कोई नहीं 
Answer- (C)
(3) चारों चरणों में समान मात्राओं वाले छंद को क्या कहते हैं ?
(A)सम मात्रिक छंद 
(B)विषम मात्रिक छंद 
(C)अर्द्धसम मात्रिक छंद 
(D)ये सभी 
Answer- (A)
(4) निम्नलिखित में सम मात्रिक छंद का कौन-सा उदाहरण है ?
(A)दोहा 
(B)सोरठा 
(C)चौपाई 
(D)ये सभी 
Answer- (C)
(5) नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास यही काल। 
अली कली ही सौ बंध्यो, आगे कौन हवाल।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
(A)दोहा 
(B)सोरठा 
(C)बरवै 
(D)छप्पय 
Answer- (A)
(6) सुनु सिय सत्य असीम हमारी। 
पूजिहि मन कामना तुम्हारी।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
(A)बरवै 
(B)चौपाई 
(C)सोरठा 
(D) दोहा 
Answer- (B)
(7) निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति कौ मूल। 
बिन निज भाषा ज्ञान के मिटे न हिय कौ शूल।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
(A)सोरठा 
(B)दोहा 
(C)रोला 
(D)हरिगीतिका 
Answer- (B)
(8) जिस छंद के पहले तथा तीसरे चरणों में 13-13 और दूसरे तथा चौथे चरणों में 11-11 मात्राएँ होती है; वह छंद कहलाता है-
(A)रोला 
(B)चौपाई 
(C)कुण्डलिया 
(D)दोहा 
Answer- (D)
(9) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। 
पानी गए न ऊबरे, मोती मानुस चुन।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
(A)दोहा 
(B)सवैया 
(C)चौपाई 
(D)काकली 
Answer- (A)
(10) किसको पुकारे यहाँ रोकर अरण्य बीच,
चाहे जो करो शरण्य शरण तिहारे हैं। 
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है ?
(A)उल्लाला 
(B)छप्पय 
(C)रोला 
(D)घनाक्षरी 
Answer- (D)
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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 67

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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

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(1) अर्द्धसम मात्रिक जाति का छंद है-
(A)रोला 
(B)दोहा 
(C)चौपाई 
(D)कुण्डलिया 
Answer- (B)
(2) चौपाई के प्रत्येक चरण में मात्राएँ होती हैं-
(A)11 
(B)13 
(C)16 
(D)15 
Answer- (C)
(3) छंद कितने प्रकार के होते है ?
(A)2 
(B)3 
(C)4 
(D)5 
Answer- (B)
(334) घनाक्षरी छंद है-
(A)मात्रिक 
(B)वर्णिक 
(C)मिश्र 
(D)इनमें से कोई नहीं 
Answer- (B)
(5) वीर या आल्हा किस जाति का छंद है ?
(A)मात्रिक 
(B)वर्णिक 
(C)मुक्त 
(D)इनमें से कोई नहीं 
Answer- (B)
(6) तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए में कौन-सा अलंकार है ?
(A)अनुप्रास 
(B)यमक 
(C)उत्प्रेक्षा 
(D)उपमा 
Answer- (A)
(7) चरर मरर खुल गए अरर रवस्फुटों से में कौन-सा अलंकार है ?
(A)अनुप्रास 
(B)यमक 
(C)उत्प्रेक्षा 
(D)श्लेष 
Answer- (A)
(8) बड़े न हुजे गुनन बिनु विरद बड़ाई पाय। 
कहत धतूरे सों कनक, गहनो गढो न जाय।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
(A)अतिशयोक्ति 
(B)प्रतिवस्तूपमा 
(C)अर्थान्तरन्यास 
(D)विरोधाभास 
Answer- (C)
(9) चरण-कमल बन्दौ हरि राई में कौन-सा अलंकार है ?
(A)श्लेष 
(B)उपमा 
(C)रूपक 
(D)अतिशयोक्ति 
Answer-(C)
(10) कनक कनक ते सौगुनी, मादकता अधिकाय। 
वा खाए बौरात नर, या पाए बौराय।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
(A)श्लेष 
(B)उपमा 
(C)यमक 
(D)अनुप्रास 
Answer-(C)
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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 65

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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

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(1) मन की उतप्त वेदना, मन ही मन में बहती थी। 
चुप रहकर अन्तर्मन में, कुछ मौन व्यथा कहती थी।।
दुर्गम पथ पर चलने का वो संबल छूट गया था। 
अविचल, अविकल वह प्राणी, भीतर से टूट गया था।।
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में कौन-सा रस अभिव्यंजित हो रहा है ?
(A)शांत                    
(B)वियोग श्रृंगार 
(C)करुण 
(D)वत्सल 
Answer- (C)
(2) वीर रस का स्थायी भाव क्या होता है ?
(A)रति 
(B)उत्साह 
(C)हास्य 
(D)क्रोध 
Answer- (B)
(3) किस रस को 'रसराज' कहा जाता है ?
(A)श्रृंगार रस 
(B)हास्य 
(C)वीर रस 
(D)शांत रस 
Answer- (A)
(4) संचारी भावों की संख्या है-
(A) 9 
(B)33 
(C)16 
(D)99 
Answer- (B)
(5) भरतमुनि के रससूत्र में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख नहीं है ?
(A)स्थायी भाव 
(B)शांत 
(C)अनुभाव 
(D)व्यभिचारी भाव 
Answer- (B)
(6) भरत मुनि के अनुसार रसों की संख्या है-
(A)आठ 
(B)नौ 
(C)दस 
(D)ग्यारह 
Answer- (A)
(7) बीभत्स रस का स्थायी भाव है-
(A)भय 
(B)निर्वेद 
(C)शोक 
(D)जुगुप्सा/घृणा 
Answer- (D)
(8) क्रोध किस रस का स्थायी भाव है-
(A)बीभत्स 
(B)भयानक 
(C)रौद्र 
(D)वीर 
Answer- (C)
(9) 'जहँ-तहँ मज्जा माँस रुचिर लखि परत बगारे। 
जित-जित छिटके हाड़, सेत कहुँ, कहुँ रतनारे।।''
इस अवतरण में-
(A)बीभत्स रस 
(B)अदभुत रस 
(C)भयानक रस 
(D)हास्य रस 
Answer- (A)
(10) ''केसव कहि न जाइ का कहिये। 
देखत तव रचना विचित्र अति समुझि मनहिं मन रहिये।।'' 
इस काव्य-पंक्ति में है-
(A)रौद्र रस 
(B)शान्त रस 
(C)भयानक रस 
(D)अदभुत रस 
Answer- (D)
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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 64

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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

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(01) शोभित कर नवनीत लिए 
घुटरुनि चलत रेणू तन मण्डित मुख दधि लेप किए। 
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
(A)हास्य 
(B)वत्सल 
(C)श्रृंगार 
(D)करुण 
Answer- (D)
(02) रसोत्पत्ति में आश्रम की चेष्टाएं क्या कही जाती हैं ?
(A)विभाव 
(B)आलम्बन 
(C) अनुभाव 
(D)उद्दीपन 
Answer- (C)
(03) 'ट', 'ठ', 'ड', 'ढ' वर्णों के प्रयोग का सम्बन्ध काव्य के किस गुण से है ?
(A)माधुर्य 
(B)ओज 
(C) प्रसाद 
(D)इनमें से कोई नहीं 
Answer- (B)
(04) माधुर्य गुण का किस रस में प्रयोग होता है ?
(A)शांत 
(B)श्रृंगार 
(C) भयानक 
(D)रौद्र 
Answer- (B)
(05) प्रिय पति वह मेरा प्राण प्यारा कहाँ है ?
दुःख-जलनिधि-डूबी का सहारा कहाँ है ?
इन पंक्तियों में कौन-सा स्थायी भाव है ?
(A)विस्मय 
(B)रति 
(C)शोक 
(D)क्रोध 
Answer- (C)
(06) रस कितने प्रकार के होते है ?
(A)3 
(B) 
(C)8 
(D)9 
Answer- (D)
(07) ऊधो मोहिं ब्रज बिसरत नाहीं। 
हंससुता की सुन्दर कगरी और द्रुमन की छाँही।।
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
(A)श्रृंगार रस 
(B)हास्य रस 
(C)वीर रस 
(D)करुण रस 
Answer- (A)
(08) हिन्दी साहित्य का नौवाँ रस कौन-सा है ?
(A)भक्ति 
(B)वत्सल 
(C)शांत 
(D)करुण 
Answer- (C)
(09) उस काल मारे क्रोध के, तन काँपने उसका लगा। मानो हवा के जोर से, सोता हुआ सागर जगा।। 
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
(A)वीर रस 
(B)रौद्र रस 
(C)अदभुत रस 
(D)करुण रस 
Answer- (B)
(10) 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' किसका कथन है ?
(A)विश्वनाथ 
(B)राजशेखर 
(C)श्री हर्ष 
(D)भास 
Answer- (A)
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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 63

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हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

(1) 'शाब्दी' एवं 'आर्थी' किस शब्द-शक्ति के भेद है ?
(A)अभिधा 
(B)लक्षणा 
(C)व्यंजना 
(D)तात्पर्या 
Answer- (C)
(2) स्थायी भावों की कुल संख्या है-
(A)9 
(B)10 
(C)11 
(D)12 
Answer- (A)
(3) शांत रस का स्थायी भाव क्या है ?
(A)जुगुप्सा 
(B)क्रोध 
(C)शोक 
(D)निर्वेद 
Answer- (D)
(4) शृंगार रस का स्थायी भाव क्या है ?
(A)उत्साह 
(B)शोक 
(C)हास 
(D)रति 
Answer- (D)
(5) विस्मय स्थायी भाव किस रस में होता है ?
(A)हास्य 
(B)शांत 
(C)अदभुत 
(D)बीभत्स 
Answer- (C)
(6) किलक अरे मैं नेह निहारूँ। 
इन दाँतों पर मोती वारूँ।।
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
(A)वीर 
(B)शांत 
(C)वत्सल 
(D)हास 
Answer- (C)
(7) अति मलीन वृषभानुकुमारी 
अधोमुख रहित ऊरध नहिं चितवति ज्यों गथ हारे थकित जुआरी। 
छूटे चिहुर, बदन कुम्हिलाने, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी।।
(A)हास्य 
(B)करुण 
(C)विप्रलंभ श्रृंगार 
(D)संयोग श्रृंगार 
Answer- (C)
(8) सर्वश्रेष्ठ रस किसे माना जाता है ?
(A)रौद्र रस 
(B)श्रृंगार रस 
(C)करुण रस 
(D)वीर रस 
Answer- (B)
(9) कवि बिहारी मुख्यतः किस रस के कवि है ?
(A)करुण 
(B)भक्ति 
(C)श्रृंगार 
(D)वीर 
Answer- (C)
(10) मेरे तो गिरिधर गोपाल दुसरो न कोई। 
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।।
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
(A)शांत 
(B)श्रृंगार
(C) करुण 
(D)हास्य 
Answer- (B)
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हिंदी व्याकरण - सामान्य प्रश्नोत्तरी 62

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हिंदी व्याकरण - सामान्य प्रश्नोत्तरी 

हिंदी व्याकरण - सामान्य ज्ञान 

(1) 'साक्षात् संकेतित' कहते हैं-
(A)अभिधा को 
(B) लक्षणा को 
(C)व्यंजना को 
(D)इनमें से कोई नहीं 
Answer- (A)
(2) किसे 'शब्द की प्रथमा शक्ति' कहा जाता है ?
(A)अभिधा को 
(B) लक्षणा को 
(C)व्यंजना को 
(D)अलंकार को 
Answer- (A)
(3) 'बैल खड़ा है।'- इस वाक्य में प्रयुक्त शब्द 'बैल' में कौन-सी शब्द-शक्ति पायी जाती है ?
(A)अभिधा 
(B) लक्षणा 
(C)व्यंजना
(D)छंद 
Answer- (A)
(4) लक्षणा की शर्तो की संख्या है-
(A)एक 
(B) दो 
(C)तीन 
(D)चार 
Answer- (C)
(5) निम्नलिखित में से कौन लक्षणा की शर्तो में शामिल नहीं है ?
(A)मुख्यार्थ में बाधा 
(B)मुख्यार्थ एवं लक्ष्यार्थ में संबंध 
(C)रूढ़ि या प्रयोजन 
(D)व्यंग्यार्थ 
Answer- (D)
(6)जहाँ मुख्यार्थ की बाधा होने पर रूढ़ि या प्रयोजन के कारण मुख्यार्थ से संबद्ध अन्य अर्थ लक्षित हो, वहाँ शब्द-शक्ति होती है-
(A)अभिधा 
(B)लक्षणा 
(C)व्यंजना 
(D)तात्पर्या 
Answer- (B)
(7) ''अनिल ने सुनील से कहा : तुम बैल हो।'' इस वाक्य में प्रयुक्त शब्द 'बैल' में कौन-सी शब्द शक्ति है ?
(A)अभिधा 
(B)लक्षणा 
(C)व्यंजना 
(D)तात्पर्या 
Answer- (B)
(8) मुहावरों और लोकोक्तियों में जिस शब्द-शक्ति के जरिये अर्थ ग्रहण किया जाता है, वह है-
(A)अभिधा 
(B)लक्षणा 
(C)व्यंजना 
(D)तात्पर्या 
Answer- (B)
(9) 'रूढ़ा' और 'प्रयोजनवती' किस शब्द-शक्ति के भेद (प्रकार) है ?
(A)अभिधा 
(B)लक्षणा 
(C)व्यंजना 
(D)तात्पर्या 
Answer- (B)
(10) अभिधा और लक्षणा के असमर्थ हो जाने पर जिस शब्द-शक्ति के माध्यम से शब्द का अर्थ लिया जाता है, वह है-
(A)व्यंजना 
(B)रस 
(C)छंद 
(D)अलंकार 
Answer- (A)
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समास और उसके प्रकार [compound and it's type]


समास

समास-दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से नए शब्द बनाने की क्रिया को समास कहते हैं !

सामासिक पद को विखण्डित करने की क्रिया को विग्रह कहते हैं !

समास के छ: भेद हैं -

1- अव्ययीभाव समास - 

जिस समास में पहला पद प्रधान होता है तथा समस्त पद अव्यय का काम करता है , उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं !जैसे - 

      ( सामासिक पद )                     ( विग्रह )

1.      यथावधि                          अवधि के अनुसार    

2.      आजन्म                           जन्म पर्यन्त 

3.      प्रतिदिन                           दिन -दिन

4.      यथाक्रम                           क्रम के अनुसार

5.      भरपेट                              पेट भरकर

2- तत्पुरुष समास -

इस समास में दूसरा पद प्रधान होता है तथा विभक्ति चिन्हों का लोप हो जाता है !  तत्पुरुष समास के छ: उपभेद विभक्तियों के आधार पर किए गए हैं -

1. कर्म तत्पुरुष

2. करण तत्पुरुष

3. सम्प्रदान तत्पुरुष

4. अपादान तत्पुरुष

5. सम्बन्ध तत्पुरुष

6. अधिकरण तत्पुरुष

उदाहरण इस प्रकार हैं - 

  (सामासिक पद )      (विग्रह )                   ( समास )
1. कोशकार     कोश को करने वाला       कर्म तत्पुरुष
2. मदमाता      मद से माता                   करण तत्पुरुष
3. मार्गव्यय     मार्ग के लिए व्यय            सम्प्रदान तत्पुरुष
4. भयभीत     भय से भीत                    अपादान तत्पुरुष
5. दीनानाथ    दीनों के नाथ                   सम्बन्ध तत्पुरुष
6. आपबीती   अपने पर बीती               अधिकरण तत्पुरुष                       

3- कर्मधारय समास -  

जिस समास के दोनों पदों में विशेष्य - विशेषण या उपमेय - उपमान सम्बन्ध हो तथा दोनों पदों में एक ही कारक की विभक्ति आये उसे कर्मधारय समास कहते हैं !  जैसे

       ( सामासिक पद )                 ( विग्रह )
1.  नीलकमल                  नीला है जो कमल
2.  पीताम्बर                    पीत है जो अम्बर
3.  भलामानस                 भला है जो मानस
4.  गुरुदेव                       गुरु रूपी देव
5. लौहपुरुष      लौह के समान (कठोर एवं शक्तिशाली) पुरुष

4- बहुब्रीहि समास -

अन्य पद प्रधान समास को बहुब्रीहि समास कहते हैं !इसमें दोनों पद किसी अन्य अर्थ को व्यक्त करते हैं और वे किसी अन्य संज्ञा के विशेषण की भांति कार्य करते हैं ! जैसे -

       ( सामासिक पद )               ( विग्रह )
1.      दशानन            दश हैं आनन जिसके  (रावण)
2.      पंचानन            पांच हैं मुख जिनके  (शंकर जी)
3.      गिरिधर            गिरि को धारण करने वाले (श्री कृष्ण)
4.      चतुर्भुज           चार हैं भुजायें जिनके  (विष्णु)
5.      गजानन           गज के समान मुख वाले (गणेश जी)

5-  द्विगु समास -

इस समास का पहला पद संख्यावाचक होता है और सम्पूर्ण पद समूह का बोध कराता है ! जैसे -      

   ( सामासिक पद )                ( विग्रह )
1. पंचवटी                  पांच वट वृक्षों का समूह
2. चौराहा                  चार रास्तों का समाहार
3. दुसूती                    दो सूतों का समूह
4. पंचतत्व                 पांच तत्वों का समूह
5. त्रिवेणी    तीन नदियों (गंगा, यमुना, सरस्वती) का समाहार

6- द्वन्द्व समास -

इस समास में दो पद होते हैं तथा दोनों पदों की प्रधानता होती है ! इनका विग्रह करने के लिए (और, एवं, तथा, या, अथवा) शब्दों का प्रयोग किया जाता है !
जैसे -
           (सामासिक पद)                       (विग्रह)
1.         हानि - लाभ                        हानि या लाभ
2.         नर - नारी                           नर और नारी
3.         लेन - देन                           लेना और देना
4.         भला - बुरा                          भला या बुरा
5.         हरिशंकर                            विष्णु और शंकर


समास शॉर्टट्रिक्स

समास का तात्पर्य है “संक्षिप्तीकरण”  दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास (Samas) कहते हैं।

उदाहरण
रसोईघर – रसोई के लिए घर।
नीलगाय – नीले रंग की गाय।

समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द (Samasi Shabd) कहलाता है। इसे हम समस्त पद (Samast Pad) भी कहते हैं।

समास के भेद:-

 हिंदी में समास के छ: भेद हैं :
(1) अव्ययीभाव समास  
(2) तत्पुरुष समास
(3) द्विगु समास
(4) द्वंद्व समास
(5) कर्मधारय समास
(6) बहुव्रीहि समास

*अव्ययीभाव समास*


इस समास में पहला पद (पूर्व पद) प्रधान होता है और पूरा पद अव्यय होता है ,इसमें पहला पद उपसर्ग होता है जैसे अ,आ, अनु, प्रति, हर, भर, नि, निर, यथा, यावत आदि उपसर्ग शब्द का बोध होता है

नोट : अव्ययीभाव समास में उपसर्ग होता है

उदाहरण:
(आजन्म) – जन्म पर्यन्त
(यथावधि) – अवधि के अनुसार
(यथाक्रम) – क्रम के अनुसार
(बेकसूर)  –  बिना कसूर के
(निडर)    –  बिना डर के

*तत्पुरुष समास*

इस समास में दूसरा पद (उत्तर पद / अंतिम पद) प्रधान होता है इसमें कर्ता और संबोधन कारक को छोड़कर शेष छ: कारक चिन्हों का प्रयोग होता है
जैसे – कर्म कारक, करण कारक, सम्प्रदान कारक, अपादान कारक, सम्बन्ध कारक, अधिकरण कारक

नोट : तत्पुरुष समास में कारक चिन्हों का प्रयोग होता है

उदाहरण
(विद्यालय) – विद्या के लिए आलय
(राजपुत्र) – राजा का पुत्र
(मुंहतोड़) – मुंह को तोड़ने वाला
(चिड़ीमार) – चिड़िया को मारने वाला
(जन्मांध) – जन्म से अँधा

*द्विगु समास*

द्विगु समास में पहला पद संख्यावाचक होता है विग्रह करने पर समूह का बोध होता है

नोट : द्विगु समास में संख्या का बोध होता है

उदाहरण
(त्रिलोक) – तीनो लोकों का समाहार
(नवरात्र) – नौ रात्रियों का समूह
(अठन्नी) – आठ आनो का समूह
(दुसूती) – दो सुतों का समूह
(पंचतत्व) – पांच तत्वों का समूह

*द्वंद्व समास*

इसमें दोनों पद प्रधान होते हैं। विग्रह करने पर बीच में ‘और’/ ‘या’ का बोध होता है

नोट : द्वंद्व समास में योजक चिन्ह (-) और ‘या’का बोध होता है

*उदाहरण*
(पाप-पुण्य) – पाप और पुण्य
(सीता-राम) – सीता और राम
(ऊँच-नीच) – ऊँच और नीच
(खरा-खोटा) – खरा या खोटा
(अन्न-जल) – अन्न और जल

*कर्मधारय समास*


इसमें समस्त पद सामान रूप से प्रधान होता है इसके लिंग, वचन भी सामान होते हैं इस समास में पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है विग्रह करने पर कोई नया शब्द नहीं बनता

*नोट :* कर्मधारय समास में व्यक्ति, वस्तु आदि की विशेषता का बोध होता है

*उदाहरण*
(चन्द्रमुख) – चन्द्रमा के सामान मुख वाला –विशेषता
(दहीवड़ा) – दही में डूबा बड़ा – विशेषता
(गुरुदेव) – गुरु रूपी देव – विशेषता
(चरण कमल) – कमल के समान चरण – विशेषता
(नील गगन) – नीला है जो असमान – विशेषता


*बहुव्रीहि समास*


इस समास में कोई भी पद प्रधान न होकर अन्य पद प्रधान होता है विग्रह करने पर नया शब्द निकलता है पहला पद विशेषण नहीं होता है विग्रह करने पर समूह का बोध भी नहीं होता है

*नोट :* बहुव्रीहि समास के अंतर्गत शब्द का विग्रह करने पर नया शब्द बनता है या नया नाम सामने आता है

*उदाहरण*
(त्रिनेत्र) – भगवान शिव
(वीणापाणी) – सरस्वती
(श्वेताम्बर) – सरस्वती
गजानन) – भगवान गणेश
(गिरधर) – भगवान श्रीकृष्ण
समास और उसके प्रकार [compound and it's type] समास और उसके प्रकार [compound and it's type] Reviewed by rajyashikshasewa.blogspot.com on 9:55 AM Rating: 5
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